
यूटिलिटी डेस्क. बीमारी के बारे में जानकारी न देने के आधार पर पॉलिसीधारक का दावा खारिज करने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमाधारक के पक्ष में फसला सुनाया है। फोरम ने मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को बीमाधारक के नॉमिनी को ब्याज सहित भुगतान करने को कहा है। इसके अलावा मासनिक परेशानी के लिए 15,000 रुपए का मुआवजा देने के लिए भी कहा है।
क्या था मामला?
दिलली निवासी कमला देवी ने मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस से 2010 में बीमा पॉलिसी खरीदी थी। उनकी मौत के बाद नॉमिनी ने इसके लिए दावा किया। जिसे कंपनी ने यह कहकर खारिज कर दिया कि कमला देवी दिल की बीमारी से पीड़ित थीं। जिसकी जानकारी उन्होंने पॉलिसी लेते समय नहीं दी थी। इसके बाद नॉमनी ने न्याय के लिए नई दिल्ली उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की मदद ली। आयोग से मामाले की सुनवाई के बाद कंपनी को दोषी पाया और उसे ठुकराए गए ढाई लाख रुपए के दावे का आधा सीधे भुगतान करने और आधी राशि को नौ फीसदी ब्याज के साथ पॉलिसीधारक के नॉमिनी को देने का आदेश दिया है। आयोग ने बीमा ग्राहक की बीमारी के आधार पर दावा खारिज करने को कंपनी का जिम्मेदारी से भागना बताया।
देनी होती है बीमारी की जानकारी
आपको बता दें कि जब भी कोई व्यक्ति हेल्थ इंश्योरेंस कराता है तो उसे स्वास्थ्य का सही-सही ब्योरा देना होता है। इसके अलावा आपको मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगाना होता है। इससे पॉलिसी लेने वाले की हेल्थ की सहीं जानकारी मिल जाती है और कंपनी उसी हिसाब से प्रीमियम वसूलती है।
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