यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने शनिवार को एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (ईबीएलआर) में 40 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की। इस कटौती के बाद ईबीएलआर दर 7.20 से घटकर 6.80 हो गई है। बैंक ने यह कटौती आरबीआई की ओर से हाल ही में रेपो रेट में किए गए बदलाव के मद्देनजर की है।
1 जून से लागू होंगे नई दरें
संशोधित दरें एक जून, 2020 से लागू होंगी। विभिन्न स्कीमों के लिए प्रभावी दरें उत्पाद के लिए ईबीएलआर प्लस प्रीमियम/डिस्काउंट पर होंगी। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, खुदरा और सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सेगमेंट को नई दर के सभी ऋणा के लिए ईबीएलआर आधारित ब्याज दरें पेश की थीं। इसलिए पहली अक्टूबर, 2019 से सभी नई दर के ऋणों को आरबीआई की नीतिगत रेपो दर से जोड़ दिया गया है। मझोले उद्यम को भी 1 अप्रैल से आरबीआई नीतिगत दर से जोड़ दिया गया है।
ये हैं मौजूदा दरें
| लोन का प्रकार | ब्याज दर |
| होम लोन | 8.25 फीसदी |
| लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी | 11.50 फीसदी |
| पर्सनल लोन | 11-12.40 फीसदी |
| कार लोन | 8.60 फीसदी |
एसबीआई कर चुका है एफडी पर मिलने वाली ब्याज में कटौती
देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने एफडी पर ब्याज दरें घटाने का फैसला किया है। बैंक ने सभी अवधि की एफडी पर ब्याज दरें 0.40% की कटौती की है। नई दरें 27 मई से लागू हो गई हैं। एसबीआई ने 2 करोड़ या इससे अधिक की बल्क एफडी पर भी 50 बीपीएस तक की कटौती की है। इस श्रेणी में बैंक अधिकतम तीन फीसदी ब्याज दे रहा है। इससे पहले भी एसबीआई ने इसी महीने एफडी पर मिलने वाले ब्याज दरों में कटौती की थी।
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