अगस्त महीने से बदल जाएगा PF कंट्रीब्यूशन से जुड़ा नियम, कम हो जाएगी आपकी इन हैंड सैलरी

मई महीने में 3 महीनों के लिए सरकार ने पीएफ कंट्रीब्यूशन को 12% से घटाकर 10% करने का फैसला किया थी। यह कदम इसीलिए उठाया गया था ताकि कोरोना काल में इम्प्लॉई और उन्हें सैलरी देने वाले इम्प्लॉयर के हाथ में कुछ ज्यादा पैसा रहे। ये 3 महीने अब पूरे हो गए हैं इसीलिए अब अगस्त से आपका नियोक्ता पुरानी कटौती दरों पर वापस आ जाएगा। यानी अगस्त से ईपीएफ पहले की तरह 12 फीसदी ही कटेगा।


कमर्चारियों को हर महीने 2,250 करोड़ रुपए ज्यादा मिली सैलरी
मई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 महीने के लिए ईपीएफ योगदान को 4 फीसदी घटा दिया था। जिससे लगभग 6.5 लाख कंपनियों के कर्मचारियों को हर महीने लगभग 2,250 करोड़ रुपए का फायदा हुआ।


पीएफ फंड में कितना नुकसान हुआ?
नियम के अनुसार जितना पीएफ फंड के लिए जितना पैसा एम्प्लॉई का कटता है उतना ही पैसा एम्प्लॉयर को भी इस फंड के लिए देना होता है। ऐसे में अगर आपकी बेसिक सैलरी 15 हजार रुपए है तो पीएफ में 1,800 रुपए की बजाय अब 1,500 का कॉन्ट्रिब्यूशन जाएगा और इतना ही आपकी कंपनी मिलाएगी। यानी हर महीने आपके पीएएफ फंड ने 600 रुपए कम पहुंचेंगे। ये नियम 3 महीनों के लिए है यानि आपके पीएफ अकाउंट में कुल 1800 रुपए कम पहुंचेंगे। अगर आपकी उम्र 30 साल है और आपके अकाउंट में 1800 कम हैं तो आपको 60 साल की उम्र में 22,445 रुपए काम मिलेंगे। वहीं अगर आपकी उम्र 40 साल है तो आपको 60 साल की उम्र में 9,679 रुपए काम मिलेंगे। फिलहाल पीएफ अकाउंट पर 8.5 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है।


क्या है नियम?
EPFO नियम के अनुसार कर्मचारी और नियोक्ता 24% जमा करते हैं। इसमें 12% बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA)- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा बनाए गए रिटायरमेंट फंड के लिए हर महीने ईपीएफ कटौती के रूप में होती है। इतना ही पैसा कपंनी EPFO में जमा करती है।



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