केंद्र सरकार ने गवर्नमेंट ऑफ इंडिया सेविंग्स बांड (आरबीआई बांड) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी जनवरी से जून 2021 के लिए इसमें पहले की तरह 7.15% की दर से ब्याज मिलता रहेगा। सरकार हर 6 महीने पर आरबीआई बांड्स के इंटरेस्ट रेट्स की घोषणा करती है। हम आपको आरबीआई बांड के बारे में बता रहे हैं।
कोई भी कर सकते है निवेश
व्यक्ति (जॉइंट होल्डिंग्स सहित) और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) इन बांड में निवेश कर सकते हैं। हालांकि एनआरआई इसमें निवेश नहीं कर सकते।
कम से कम 1 हजार रुपए का करना होगा निवेश
बांड में निवेश की अधिकतम सीमा नहीं है। न्यूनतम निवेश 1,000 रुपए से शुरू होता है। उसके बाद 1,000 रुपए के गुणकों में निवेश किया जा सकता है।
रहता है लॉक इन पीरियड
बांड जारी करने की तारीख से जब तक 7 साल पूरे नहीं हो जाते हैं आप इसमें से पैसे नहीं निकाल सकेंगे। यानी इसमें 7 साल का लॉक इन पीरियड रहता है। सीनियर सिटीजन के लिए समय से पहले पैसे निकालने की अनुमति दी जाती है।
2 बार में किया जाता है ब्याज का भुगतान
इसमें एकमुश्त ब्याज के भुगतान का विकल्प नहीं है। इसका मतलब है कि बॉन्ड पर जिस दिन ब्याज देय होगा, उस दिन वह निवेशक के बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा। इसमें साल में 2 बार ब्याज का भुगतान किया जाता है।
इससे इनका पर देना होता है टैक्स
इन बांड से मिलने वाले ब्याज पर आपकी आय पर लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। इसके अलावा इंटरेस्ट इनकम पर टीडीएस लागू होगा।
कैसे कर सकते हैं निवेश?
इनमें निवेश कैश (20,000 रुपए तक) /ड्राफ्ट/चेक या रिसीविंग ऑफिस को इलेक्ट्रॉनिक मोड के रूप में करना होगा। बांड लेजर अकाउंट के रूप में बांड के लिए आवेदन एसबीआई, सरकारी बैंक आईडीबीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक की शाखाओं में प्राप्त होंगे। बांड केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किए जाएंगे।
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